Author: सूत्रधार
-

सहजता की बानगी ‘एकालाप’ कविता संग्रह – डॉ.राजेन्द्र टोकी
‘एकालाप’ को पढ़ते हुए मुझे सबसे पहले ग़ालिब के शे’र याद आए–मौत का एक दिन मुअय्यन हैनींद क्यों रात भर नहीं आती—हो चुकी ग़ालिब बलाएँ सब तमामएक मर्ग -ए- नागहानी और है हिन्दी में मौत पर बहुत कम लिखा गया है।इक्का दुक्का किसी कवि ने भले एक दो कविताएँ लिखी…
-

हिंदी कहानी और हिंदी गज़ल दोनों के सामने नई चुनौतियां
गत 2 नवंबर,2025 को हरियाणा लेखक मंच द्वारा फारूखा खालसा सीनियर सेकंडरी स्कूल अम्बाला छावनी में एक साहित्यिक सेमिनार का आयोजन-‘आज की हिंदी कहानी’और ‘आज की हिंदी गज़ल’ पर दो सत्रों में संपन्न हुआ । मंच के कार्यकारी अध्यक्ष डा. अशोक भाटिया ने स्वागत वक्तव्य में कहा कि उत्सवधर्मिता की…
-
लघुकथा को दो संक्रामक रोग लगे हुए हैं –एक शब्द-संख्या का और दूसरा कालदोष का’ – डॉ. अशोक भाटिया ।
नेतराम भारती :- सर ! मेरा पहला प्रश्न है लघुकथा आपकी नज़र में क्या है ? लघुकथा को लेकर बहुत सारी बातें ‘जितने स्कूल उतने पाठ्यक्रम’ वाली स्थिति है l यदि नव-लघुकथाकारों के लिए सरल शब्दों में बताने को कहा जाए तो आप कैसे परिभाषित करेंगे ? डॉ. अशोक भाटिया…
-

लघुकथा-संग्रह ‘सूत्रधार’ का लोकार्पण
मित्रो,19 जून को भोपाल में लघुकथा शोध-केन्द्र् समिति के वार्षिक अधिवेशन में मेरे तीसरे लघुकथा-संग्रह ‘सूत्रधार’ का लोकार्पण रविंद्रनाथ टैगोर यूनिवर्सिटी के कुलपति संतोष चौबे,साक्षात्कार पत्रिका के सम्पादक विकास दवे,कथा बिम्ब के सम्पादक प्रबोध कुमार गोविल,विष्णु प्रभाकर के सुपुत्र अतुल प्रभाकर,डा. मिथिलेश अवस्थी और शोध केंद्र की निदेशक कांता राय…
-
लघुकथा-संग्रह ‘सूत्रधार’ का लोकार्पण
मित्रो,19 जून को भोपाल में लघुकथा शोध-केन्द्र् समिति के वार्षिक अधिवेशन में मेरे तीसरे लघुकथा-संग्रह ‘सूत्रधार’ का लोकार्पण रविंद्रनाथ टैगोर यूनिवर्सिटी के कुलपति संतोष चौबे,साक्षात्कार पत्रिका के सम्पादक विकास दवे,कथा बिम्ब के सम्पादक प्रबोध कुमार गोविल,विष्णु प्रभाकर के सुपुत्र अतुल प्रभाकर,डा. मिथिलेश अवस्थी और शोध केंद्र की निदेशक कांता राय…
-
मेरी प्रिय लघुकथा ‘पहचान’ पर अनिल पतंग की बनाई लघु फिल्म
फिल्म निदेशक अनिल पतंग बेगूसराय से हैं। वे लघु फिल्में बनाते हैं।अब तक डेढ़ सौ से अधिक लघुकथाओं पर लघु फिल्में बना चुके हैं। एक फीचर फिल्म ‘जट्ट जटिन ‘ भी बना चुके हैं।मेरी प्रिय लघुकथा ‘पहचान’ पर अनिल पतंग की बनाई लघु फिल्म आपके लिए …. https://youtu.be/eDaJXuG_f9c?si=ogpl1d1kxlTv88Du
-

रविन्द्रनाथ टैगोर यूनिवर्सिटी,भोपाल में लघुकथा कोर्स के दीक्षांत समारोह।
20 जून,2024 को रविंद्रनाथ टैगोर यूनिवर्सिटी,भोपाल में लघुकथा लेखन कौशल सर्टिफिकेट कोर्स के पहले दो बैच के दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए। संयोगवश,यह भारत के किसी भी विश्वविद्यालय का,लघुकथा पर पहला सर्टिफिकेट कोर्स है। इस प्रोजेक्ट की निदेशक Kanta Roy राय हैं।
-

हिन्दी लघुकथा की उपस्थिति और सामाजिक परिदृश्य – प्रो. मलय पानेरी
साहित्य में लघुकथा एकदम नयी विधा नहीं है। इसका चलन भी अन्य विधाओं की तरह बहुत पुराना है लेकिन अभी कुछ दशकों से यह अधिक लिखी-पढ़ी जा रही है। किसी कथा का बड़ा होना महत्त्वपूर्ण नहीं है और न ही लघु होना महत्त्वपूर्ण है। दोनांे ही स्थितियों में कथा का…
-

गोरी हिरणी-उपन्यास पर परिचर्चा…
अंबाला, 7 अप्रैल।गुलजार सिंह संधु के पंजाबी में लिखित तथा वंदना सुखीजा व गुरबख्श सिंह मोंगा द्वारा हिन्दी में अनुवादित गोरी हिरणी – उपन्यास पर जनवादी लेखक संघ अंबाला तथा प्रगतिशील लेखक संघ अंबाला ने संयुक्त रूप से आज एक परिचर्चा छावनी के सिख सीनियर सैकेंडरी स्कूल में आयोजित की।…
-

डॉ. अशोक भाटिया को डॉ. बालेन्दु शेखर सम्मान से नवाजा
रायपुर छत्तीसगढ़ में माता कौशल्या देवी शोध-पीठ तथा डा. माया ठाकुर फाउंडेशन द्वारा आयोजित राष्ट्रीय लघुकथा उत्सव में करनाल के वरिष्ठ साहित्यकार डा. अशोक भाटिया को डा. बालेन्दु शेखर सम्मान प्रदान किया गया। उन्हें 11 हजार रुपए व स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। हरियाणा साहित्य अकादमी से बाबू बाबू…