Author: सूत्रधार
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पुस्तक विमोचन- लघुकथा में प्रयोग, का पश्चिम बंगाल में हुआ विमोचन
हाल ही में जाने माने लेखक, आलोचक और लघुकथा के प्रमुख हस्ताक्षर अशोक भाटिया की नई पुस्तक – लघु कथा में प्रयोग, का विमोचन राष्ट्रीय लघुकथा उत्सव, 2023 पश्चिम बंगाल में हुआ। पुस्तक का प्रकाशन अनुज्ञ बुक्स द्वारा किया गया है। लघुकथा में प्रयोग, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय लघुकथाओं में…
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हिंदीतर भारतीय लघुकथाएँ
डा.अशोक भाटिया (इस आलेख में हिंदी के अतिरिक्त पंजाबी की मिन्नी कहानी पर भी टिप्पणी शामिल नहीं की गई, क्योंकि उस पर ‘संरचना’ में पहले ही मेरे दो आलेख आ चुके हैं। ) भारतीय संविधान में मान्यता-प्राप्त बाईस भाषाएँ हैं। इनमें से जिन भाषाओँ में लघुकथा-साहित्य लिखे जाने की जानकारी…
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हरिशंकर परसाई के जन्मशती-वर्ष पर विशेष
अशोक भाटिया भारतीय भाषाओँ के शीर्ष व्यंग्यकार हरिशंकर परसाई का साहित्य स्वतन्त्र भारत के लगभग पांच दशकों के सामाजिक-राजनीतिक यथार्थ का विश्वसनीय और कलात्मक दस्तावेज़ है। 22 अगस्त 1924 को होशंगाबाद (म.प्र.) के जमानी गाँव में एक मध्यवित्त परिवार में जन्मे हरिशंकर परसाई स्कूली छात्र थे जब इनकी माँ चल…
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बचपन के दिन – अशोक भाटिया
मेरा बचपन अम्बाला छावनी में बीता। सन छियासठ में जब पंजाब का तीन राज्यों में विभाजन हुआ तो जिला अम्बाला हरियाणा के हिस्से में आया। तब छोटा-सा शहर था अम्बाला छावनी; इतना छोटा कि इसे क़स्बा कह सकते हैं। (बहुत बड़ा तो अब भी नहीं है )। मेरा बचपन सन…
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लघुकथा में प्रयोग – अशोक भाटिया
आलेख रचना में प्रयोग निरुद्देश्य नहीं किये जाते। उनका उद्देश्य बौद्धिक विलास करना भी नहीं होता, अपितु रचना की शक्ति को उभारना, ताकि पाठक उसे सही परिप्रेक्ष्य में तीव्रता के साथ महसूस कर सके। जैसे कला कला के लिए नहीं, बल्कि जीवन के लिए होती है, इसी प्रकार प्रयोग प्रयोग…
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रेखा श्रीवास्तव की अशोक भाटिया से बातचीत
साक्षात्कार 1. आपको लेखन-क्षेत्र में काम करने की प्रेरणा कहाँ से और कब मिली? विशेष रूप से लघुकथाओं ने कैसे प्रेरित किया? रेखा जी, लेखन की कोई परम्परा हमारे घर में नहीं रही। युवा-मन को कोई आकर्षण शीघ्र ही बाँध लेता है। बस कोई उत्प्रेरक उसे रास्ते में मिलना चाहिए।…
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लघुकथा रचना और आलोचना के प्रमुख हस्ताक्षर – अशोक भाटिया
अशोक भाटिया (डा.) जन्म: 05.01.1955 अम्बाला छावनी (पूर्व पंजाब )। मातृभाषा: पंजाबी शिक्षा: एम.ए. (हिंदी) स्वर्ण पदक, एम्.फिल., पी-एच.डी. (कुरुक्षेत्र वि.वि.) व्यवसाय: एसोसिएट प्रोफेसर (रिटायर्ड)। हरियाणा के विभिन्न राजकीय महाविद्यालयों में अध्यापन के बाद अब स्वतन्त्र लेखन। प्रकाशन: कविता, आलोचना, लघुकथा, बाल-साहित्य, व्यंग्य आदि की कुल 43 (23 मौलिक…
